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गुरुवार, 30 जून 2011

अन्ना की आयी है आंधी, गाँधी तेरे देश में

एक गीत जो अगर सही प्रकार से ध्वनित कर अन्ना के आंदोलन में सब स्थानों पर बजाया जायेगा

तो आन्दोलनकारियो में नयी जान फूंक सकता है ! यह गीत मेरे द्वारा रचित है तथा इसे “ आओ

बच्चों तुम्हे दिखाएँ झांकी हिन्दुस्तान की“ पर गाया जाना है ! यह गीत मेरी तरफ से राष्ट्र को

समर्पित है !


अन्ना कि आयी है आंधी, गाँधी तेरे देश में

सत्याग्रह का दमन हुआ है, सरकारी परिवेश में

वंदे मातरम वंदे मातरम !!


राजगुरु सुखदेव भगत ने, इन्क़लाब जब बोला था

सुन दहाड़ अंग्रेजों के शासन का तख्ता डोला था

भ्रष्टाचार के विरुद्ध, खड़े हैं आज युवा फिर भारत के

आर्थिक आज़ादी की खातिर, जौहर दिखे महारथ के

पछताओगे अहंकारियों, आ गए जो आवेश में

सत्याग्रह का दमन...........................................

वंदे मातरम .... वंदे मातरम!!


मंगल पाण्डेय आज खड़ा है, खून लिए फिर आँखों में

जज्बात लिए रानी झाँसी के, खड़े युवा हैं लाखों में

लोकपाल के लिए खड़ा अब, देश का बच्चा बच्चा है

जान गए अब देश के वासी, क्या झूठा क्या सच्चा है

नहीं चली है नहीं चलेगी, झूठों की इस देश में

सत्याग्रह का दमन....................................

वंदे मातरम .....वंदे मातरम!!


आज़ाद और बोस पूछते, ये आज़ादी कैसी है

जैसा हमने सोचा था, क्या देश की हालत वैसी है

चोर बनी सरकार जहाँ, फिर साज़ कहाँ से आयेंगे

जलियांवाला बाग का किस्सा, क्या फिर से दोहराएंगे

जनता भूखी मरती यारों, नेता जीते ऐश में

सत्याग्रह का दमन .............................................
.
वंदे मातरम वंदे मातरम !!

रचियता : अजय 'अज्ञात

3 टिप्‍पणियां:

  1. श्रेष्ठ गीत समसामयिक और जरूरी अच्छा होगा कि इसे संगीतबद्ध कर देश मे फ़ैलाया जाये

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  2. badhiya geet, "lage raho munna bhai" ke gane "bande me tha dum" ki laye me bahut utsahvardhak lagegi is geet me

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  3. Its mine creativity happy to know it reach everywhere!

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