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सोमवार, 18 अप्रैल 2011

अमर सिंह और तिहाड़

मुलायम सिंह यादव ने मुंह खोलकर बड़ा अच्छा काम किया है. इससे वे अमर सिंह और कांग्रेस की साजिशाना मिलीभगत के दायरे से बाहर आ जाते हैं. अनिल अम्बानी को ध्यान में रखकर अमर सिंह ने मुलायम को अपने साथ लेने की यह चाल चली थी. अमर अब मुलायम के साथ फिर से दोस्ती करके भ्रष्टों का कल्याण करना चाह रहे हैं. लेकिन मुलायम सिंह ने उनकी चाल को नाकाम कर दिया है.

मुलायम ने साफ़-साफ़ कह दिया है कि शांतिभूषण से उनकी ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है. अर्थात बाज़ार में डाला गया वह सीडी भी नकली है.

अब बेचारे अमर सिंह का क्या होगा? क्या उन्हें जेल की हवा खानी पड़ेगी? क्योंकि शांति भूषण तो उनके खिलाफ तथा उनके साथ मिले नेतओं-पत्रकारों-अखबारों-चैनलों के खिलाफ भी सर्वोच्च अदालत में मुकदमा करने वाले हैं. और सारे सबूत अमर सहित उनके षड्यंत्रकारी बंधुओं के खिलाफ ही जाते हैं.

तो फिर अमर सिंह जी तिहाड जेल में ए.राजा सहित अन्य अनेक भ्रष्टाचारियों के साथ खिचड़ी खाने को तैयार हो जाइए. वैसे भी आप जैसे भ्रष्टों के लिए वही सही जगह है.


1 टिप्पणी:

  1. अमर सिंह जैसे भ्रष्टों पर यह अच्छा कटाक्ष है. समिति के नागरिक सदस्यों को बदनाम करने की एक मुहिम चली हुई है. इस साजिश को चलाने वालों को तिहाड भेजना जरुरी है. तभी जन लोकपाल क़ानून बन पायेगा और तमाम तरह के भ्रष्ट जेल जा पाएंगे.

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