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शुक्रवार, 15 अप्रैल 2011

महायज्ञ और असुरों की टोली

भ्रष्टाचार विरोधी महायज्ञ आरंभ हो चुका है. इसे नष्ट-भ्रष्ट करने के लिए राक्षसों की टोली भी जोर-शोर से सक्रिय हो चुकी है.

एक बार फिर से अमर सिंह को मुखौटे के रूप में इस्तेमाल करके भ्रष्टाचारी ताकतें अपने बचाव में जुट गयी हैं. इसी अमर सिंह ने सांसदों को खरीद कर मनमोहन-सोनिया सरकार को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी. इस बारे में सबको पता है. यह एक खुला रहस्य है.

अब फिर उसी अमर सिंह को तमाम भ्रष्टाचारियों ने आगे कर दिया है. सिर्फ वही नहीं, शरद पवार की पार्टी के विभिन्न नेता, लालू प्रसाद के राजद के नेता, डीएमके नेता, शिव सेना नेता, और सर्वोपरि कांग्रेस नेता भी किसी न किसी रूप में इस महायज्ञ को नष्ट-भ्रष्ट करने में दिन-रात एक किये हुए हैं. खबरों की खबर रखने वालों को इन सारी बातों का पता है. इस ब्लॉग के कुछ आलेखों में भी इसका जिक्र किया गया है.

जन लोकपाल समिति की पहली बैठक के ठीक पहले जिस तरह से इस समिति के एक अध्यक्ष श्री शांति भूषण के खिलाफ सरासर झूठा ऑडियो कैसेट जारी किया गया, उससे जाहिर हो जाता है कि देश को लूटने वालों की टोली समिति के नागरिक सदस्यों को बदनाम करने के लिए कोई भी हथकंडा अपना सकते हैं. उनके पुत्र और जनता के पक्ष में तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ने वाले प्रशांत भूषण ने इस पर साफ़-साफ़ अपनी और अपने पिता का पक्ष रखा है. जिसका जवाब न तो अमर सिंह ने दिया और न ही अन्य किसी ने. इस तरह के भ्रमित करने वाले और झूठे आरोपों से आम लोगों को बचकर रहने और इस भ्रष्टाचार विरोधी माह-आंदोलन को इसकी अंतिम मंजिल तक पहुंचाने की जरुरत है.

फिलहाल इतना ही. बाद में और भी.

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1 टिप्पणी:

  1. इस आंदोलन को तोड़ने की बड़ी साज़िश हो रही है, जागरूक लोगों को सावधान रहकर इस आंदोलन को आगे ले जाना चाहिए.

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