यह ब्लॉग खोजें

गुरुवार, 14 अप्रैल 2011

भ्रष्टाचार का दूसरा नाम शरद पवार

शरद पवार को बिना देर लगाए तुरंत केंद्र सरकार से निकाल देना चाहिए, वरना और न जाने कितने भ्रष्टाचार के मामले सामने आएँगे.

जहाँ भी हाथ डालो शरद पवार का भ्रष्टाचार सामने आ जाएगा. खाद्य पदार्थों की अंधाधुंध महँगाई की बात हो या आईपीएल के महा घोटाले की या २ जी घोटाले की बात हो या तेलगी का अरबों का घोटाला. सब जगह पवार और उसके परिवार और उसके दल के नेताओं का नाम पाया जा सकता है.
प्याज, अंगूर, चीनी, सहित तमाम तरह के खाद्य पदार्थों की कीमत बढ़ाकर करोड़ों रुपए कमाने वाले पवार एंड कम्पनी ने ग़रीबों के मुंह से निवाला छीन लेने का दुष्कर्म किया है. ऐसे मंत्री को मनमोहन सिंह की भ्रष्ट सरकार ही बर्दाश्त किये हुए हुई. वरना कोई अन्य सरकार होती तो पवार को कबका मंत्रिमंडल से धकिया दिया जाता. "गठबंधन धर्म" का नाम लेकर मनमोहन-सोनिया इस महा-भ्रष्टाचारी को पाल-पास रहे हैं.
दरअसल, पवार के जरिए खुद कांग्रस भी अपना उल्लू सीधा कर रही है. ध्यान दें कि पहले सिर्फ पवार को महंगाई का दोषी ठहराया जाता था, लेकिन बाद में खुद प्रणव मुखर्जी, मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी शरद पवार की बोली बोलने लग गए .

शरद पवार जिस तरह सिर से पाँव तक भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं ठीक उसी तरह पूरी कांग्रेस भी. प्रधान मंत्री की नाक तले सारे भ्रष्टाचार होते हैं, लेकिन बेचारे भोले-भाले, ईमानदार, स्वच्छ मनमोहन को इसका पटा ही नहीं चलता!
शरद को हटाया तो पूरी कांग्रेस का भ्रष्टाचार भी एक-एक कर सामने आ जाएगा. ए. राजा के हटाने से पहले भी कांग्रेस इसी दुविधा में थी. लेकिन करूणानिधि के साथ किसी अंदरूनी "समझौते" के तहत ए. राजा को गिरफ्तार करके मनमोहन-सोनिया खुद को बड़े शुद्ध दिखाने में जुट गए. लेकिन पवार के ऊपर कोई "करूणानिधि" नहीं है. वे खुद ही सर्वेसर्वा हैं. ऐसे में उन्हें हटाना लगभग असंभव है, क्योंकि उनका मुंह बंद नहीं किया जा सकता.

ऐसी हालत में इस मनमोहन-सोनिया-राहुल सरकार को ही हटाना जरुरी हो गया है. पवार, मनमोहन, सोनिया, राहुल, करूणानिधि, ममता, फारुख आदि सभी एक ही भ्रष्ट थैली के चाटते-बट्टे हैं. ममता का नाम यहां इसीलिए लिया गया क्योंकि सारे भ्रष्टाचार उनकी आंखों के सामने एक-एक कर सामने आ रहे हैं और वे गांधी की तीन बन्दर की नकल कर रही हैं. यह उनका असली चेहरा है.

1 टिप्पणी:

  1. शरद पवार ही क्यों, और भी अनेक भ्रष्टाचारी हैं, जिन्होंने इस देश को जमकर लूटा है और अब भी लूट रहे हैं. मनमोहन सिंह इन सबको संरक्षण दे रहे है.

    उत्तर देंहटाएं